Sunday 16th of June 2024

Haryana: नहीं बना पुल तो पूरे गांव ने कर दिया आम चुनाव का बहिष्कार, सीएम के आश्वासन पर भी नहीं माने मतदाता

Written by  Rahul Rana   |  May 26th 2024 06:56 PM  |  Updated: May 26th 2024 06:56 PM

Haryana: नहीं बना पुल तो पूरे गांव ने कर दिया आम चुनाव का बहिष्कार, सीएम के आश्वासन पर भी नहीं माने मतदाता

ब्यूरो: यमुनानगर जिले के यमुना पार पड़ने वाले गांव टापू माजरी के मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव 2024 का बहिष्कार किया है। वहां के एक भी मतदाता ने मत का प्रयोग नहीं किया। सुबह 7 बजे से पोलिंग पार्टी और सुरक्षा कर्मी ग्रामीणों के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन एक भी मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचा।ईवीएम मशीनें खाली रह गई और पोलिंग पार्टी के कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों ने खाली बैठकर वहां ड्यूटी दी। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनके गांव के लिए यमुना पर पुल नहीं बनता वे तब तक सभी चुनावों का बहिष्कार करते रहेंगे। 

बीते शनिवार को लोकसभा चुनाव के छठे चरण में हरियाणा की 10 सीटों पर वोटिंग हुई. लेकिन यमुनानगर के टापू माजरी गांव के लोगों ने सबको हैरान कर दिया। क्योंकि गांव का एक भी मतदाता पोलिंग बूथ पर वोट डालने नहीं पहुंचा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले जिला उपायुक्त को मतदान ना करने बारे ज्ञापन सौंपते हुए यमुना नदी पर पुल बनाने की डिमांड रखी थी। यमुनानगर विधानसभा में पड़ने वाले इस गांव के लोगों ने बताया कि इस बार चुनाव के लिए कोई भी पार्टी उनके गांव में प्रचार करने भी नहीं पहुंची। उन्होने बताया कि कई दशक से वे यमुना नदी पर पुल बनाने के मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हे यमुनानगर जाने के लिए 40-45 किलोमीटर उत्तर प्रदेश से घूमकर जाना पड़ता है। क्योंकि अपने ही जिले से कनेक्ट होने के लिए उनके पास रास्ता नहीं है। यदि यहां पुल बन जाए तो उन्हे यमुनानगर सिर्फ 8 किलोमीटर पड़ता है। उन्होने बताया कि गांव में सिर्फ मिडिल स्कूल है। मजबूरन आगे की पढ़ाई के लिए उनके बच्चों को या तो यूपी के स्कूलों में पढ़ना पड़ता है या फिर 40-45 किलोमीटर का चक्कर लगाकर यमुनानगर जाना पड़ता है। इतना ही नहीं यदि गांव में कोई बीमार हो जाए तो काफी परेशानी आती है। कई बार दूरी की वजह से देर होने के चलते कई लोगों की जान गई। 

उन्होने बताया कि हर बार चुनावों के दौरान सभी पार्टियों के नेता यहां प्रचार करने आते हैं और पुल बनाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं। हालांकि एक बार यहां कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर भी आए थे जिन्होने पुल बनाने की बात से साफ इन्कार कर दिया था। इसलिए वे अब किसी भी पार्टी को वोट नहीं देना चाहते। उनका कहना है कि जब तक पुल नहीं बन जाता गांव के लोग किसी भी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।

मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचा तो उन्होंने टापू माजरी के सरपंच अरुण से फोन पर सीधी बात की और मतदान करने की गुजारिश की। साथ ही उन्होंने डीसी और एसपी को ग्रामीणों के पास भेजने की बात कही। इस पर दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और एक घंटे तक माथापच्ची की लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

दरअसल टापू माजरी, घोड़ोपिपली समेत यमुना के दूसरी पार हरियाणा के कई गांव हैं। यहा टापू माजरी गांव में 500 के करीब मतदाता हैं और 1500 के करीब आबादी है। इसके अलावा घोड़ों पिपली गांव में भी काफी आबादी है। यहां हरियाणा सरकार की तरफ से बिजली, पानी की तो अच्छी व्यवस्था की गई है। लेकिन पुल ना बनने की वजह से उनकी अपने ही जिले से कनेक्टिविटी काफी मुश्किल है। यहां के लोगों को यमुनानगर आने के लिए या तो 40 किलोमीटर से घूम कर आना पड़ता है या फिर नदी में किश्ती पर सवार होकर नदी को पार करना पड़ता है। हालांकि ये गांव उत्तर प्रदेश के बिल्कुल साथ सटे हुए हैं। फिलहाल कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इससे पहले इन गांवों की इस डिमांड को पूरा किया जाएगा या नहीं। 

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